gham ke baadal yahaañ pe chh | ग़म के बादल यहाँ पे छाए हैं

  - Vaseem 'Haidar'
ग़मकेबादलयहाँपेछाएहैं
आजतकघरनहींबुलाएहैं
कहतामैंरहगयाचलोतुमभी
ग़ैरकेकहनेपरवोआएहैं
हर्फ़येमेरेतोनहींहैंजाँ
हर्फ़येजौनकेचुराएहैं
मुझकोतकलीफ़होतीथीयारो
आजफिरउसकेख़तजलाएहैं
जिसकोशिद्दतसेचाहतेथेहम
उसकोअबकौनलोगभाएहैं
आनेकोहैंफलाँकीयादेंअब
इसलिएख़ुदकोहीरुलाएहैं
अबमोहब्बतकरलेकोईयाँ
आँखमेंअश्कफिरसजाएहैं
  - Vaseem 'Haidar'
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