bichhadne ka gham ham manaate rahenge | बिछड़ने का ग़म हम मनाते रहेंगे

  - Vaseem 'Haidar'
बिछड़नेकाग़महममनातेरहेंगे
येरस्म-ए-मोहब्बतनिभातेरहेंगे
उन्हेंक्याख़बरकैसीहैमेरीहालत
वोतोयूँँहीनज़रेंझुकातेरहेंगे
हमेंबसयहीदेखनाहैकिआख़िर
कहाँतकवोफिरज़ुल्मढातेरहेंगे
हमेंउनकादीदारकरनाहैयारों
वोकबतकअँगूठादिखातेरहेंगे
कभीतोदु'आयारहोगीमुकम्मल
सुनोहमतोमस्जिदमेंजातेरहेंगे
कभीसीनेसेतोहमारेलगेगी
तसव्वुरमेंउसकोबुलातेरहेंगे
हक़ीक़तमेंतोवोनहींआनेवाली
मगरउसकेवोख़्वाबआतेरहेंगे
मुजाविरहोजाएँगेहमउसकीख़ातिर
वहाँपरउसेहमभुलातेरहेंगे
  - Vaseem 'Haidar'
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