tamaam KHvaabon ki aañkhen | तमाम ख़्वाबों की आँखें

  - Varsha Gorchhia
तमामख़्वाबोंकीआँखें
अधूरेफ़सानेकेआख़िरीगीतको
तुम्हारीआँखोंसेसुननाचाहेंगी
दर्दफ़सुर्दारातोंकेज़र्दचेहरे
तुम्हारीपरछाइयोंमेंपनाहढूँडेंगे
रौशनयादोंकेमुर्दामुरझाएबदन
काँचकीमोटीधुँदलीदीवारमेंदफ़्नरहेंगे
उम्मीदोंकेजनाज़ेरोज़उठेंगे
चीख़ोंकेहल्क़सेज़बानेंखींचलीजाएँगी
आहोंकेक़दकटवादिएजाएँगे
तुम्हेंपुकारूँगीभीतोकैसे
मगरता-उम्रयेनज़रेंतुम्हेंढूँडेंगी
  - Varsha Gorchhia
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