hote rahe hain radd-o-badal is zameen par | होते रहे हैं रद्द-ओ-बदल इस ज़मीन पर

  - V. C. Rai Naya
होतेरहेहैंरद्द-ओ-बदलइसज़मीनपर
खंडरभीबनगएहैंमहलइसज़मीनपर
परवाज़परहोआजउड़ोआसमानमें
आनापड़ेगालौटकेकलइसज़मीनपर
मरनेकेबा'दहोकिहोस्वर्गऔरनर्क
बोओगेजैसापाओगेफलइसज़मीनपर
इसआजकोपकड़केवसूलोहरएकपल
आएगायेलौटकेकलइसज़मीनपर
शीशेसातेरादिलहैज़रासाफ़रखइसे
बनजाएगायेशीश-महलइसज़मीनपर
अंजामइश्क़काहैजुदाईयक़ीनकर
बतलारहाहैताज-महलइसज़मीनपर
हमसेकहागया'नया'शे'रएकभी
आईउतरकेख़ुदहीग़ज़लइसज़मीनपर
  - V. C. Rai Naya
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