muskuraahat ke haseen phool khil | मुस्कुराहट के हसीं फूल खिलाए रक्खें

  - Uzma Iqbal
मुस्कुराहटकेहसींफूलखिलाएरक्खें
अपनावीराना-ए-दिलयूँँहीबसाएरक्खें
सुर्ख़-रूहोकेदुनियामेंकोईजीपाया
फिरभीयेशौक़किसूरतकोसजाएरक्खें
आगलगजाएदुनियामेंशररसेउसकी
शरकेबहकेहुएतूफ़ाँकोदबाएरक्खें
ख़ुदफ़रामोशीनेएहसासदिलायाअक्सर
दिलकेज़ख़्मोंकोहवादेकेसुखाएरक्खें
भूलजाएकहींशक्लयेदिलवालोंकी
दीदा-ए-बीनाकोआईनाबनाएरक्खें
आजवोआएहैंअपनीहीग़रज़से'उज़मा'
घरकादस्तूरहैमेहमाँसेनिभाएरक्खें
  - Uzma Iqbal
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