किसतरहभूलेतिरेअल्फ़ाज़-ए-बेजाक्याकरूँँ
वहशतेंयाहसरतेंजोभीहैंलेजाक्याकरूँँ
दिलहथेलीपेरखाऔरसाथमेंइकख़तदिया
कुछनहींबाक़ीबचाहैक्यूँँयेभेजाक्याकरूँँ
हरघड़ीहलकानरहनाऔरनसोनारातभर
औरजोतंहाईदीथीवोभीहैजाक्याकरूँँ
कबतलकचलपाएगीयेएकतरफ़ाज़्यादती
मैंभीजानूँहूँतग़ाफ़ुलजाकहेजाक्याकरूँँ
मुझकोसुननाहीनहींहैतल्ख़ियोंकाफ़ल्सफ़ा
उम्रभरतोमैंनेतन्हाग़मसहेजाक्याकरूँँ