KHud sawaal-o-jawaab karte raho | ख़ुद सवाल-ओ-जवाब करते रहो

  - Urmila Madhav
ख़ुदसवाल-ओ-जवाबकरतेरहो
अपनेदिलसेहिसाबकरतेरहो
क्यूँँयेअरमानयूँँहीमरजाए
तलब-ए-आफ़ताबकरतेरहो
चाँदनीहोयाचाँदहोख़ुदही
तुमतोनिय्यतख़राबकरतेरहो
चाहेतरजीहकोईदेयानहीं
ख़ुदकोयूँँहीसराबकरतेरहो
जबतलकजिस्मटूटकरगिरे
ज़िंदगीबे-नक़ाबकरतेरहो
  - Urmila Madhav
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