kahte ho kuchh kahooñ to galat sar-basar galat | कहते हो कुछ कहूँ तो ग़लत सर-बसर ग़लत

  - Urfi Aafaqi
कहतेहोकुछकहूँतोग़लतसर-बसरग़लत
क्यूँकरबनेकहोजोहरइकबातपरग़लत
तोकौनफिरदुरुस्तहैबारेतुम्हींकहो
अच्छाग़लतहैबातहमारीअगरग़लत
इंसाफ़शर्तहैमगरइंसाफ़हैकहाँ
जोभीहमेंमिलासोमिलादाद-गरग़लत
देखोतोमुँहवोआएहैतिसपरहमारेमुँह
अक्सरकलामजिसकाग़लतबेशतरग़लत
होतीहैपैरवी-ए-ग़लतभीकभीकभी
गरचेनहींहैदर-ख़ुर-ए-तक़लीदहरग़लत
जानाग़लतकहेहैमगरक्यूँमानिए
मानाग़लतकहेसेहैसर्फ़-ए-नज़रग़लत
उतनीहीबल्किऔरभीतहसीनचाहिए
देखोकलाम-ए-ग़ैरजहाँजिसक़दरग़लत
क्यूँटोककरकिसीकोभलाहमबुरेबनें
जानेबलाहमारीकोईहैअगरग़लत
  - Urfi Aafaqi
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