hai bhi kuchh ya ki samak taa-b-samaa kuchh bhi nahin | है भी कुछ या कि समक ता-ब-समा कुछ भी नहीं

  - Urfi Aafaqi
हैभीकुछयाकिसमकता-ब-समाकुछभीनहीं
पूछाजबजबतोयहीआईसदाकुछभीनहीं
ज़िंदगीलाईहैउसदश्तमेंमुझकोकिजहाँ
राह-रौराहगुज़रराह-नुमाकुछभीनहीं
जानेक्यूँआपउधरअपनेक़दमजातेहैं
किजिधरघोरअंधेरेकेसिवाकुछभीनहीं
इकक़यामतहैमिरेजुर्मसेतेराइग़्माज़
आहयेकैसीसज़ाहैकिसज़ाकुछभीनहीं
देखिएतोसहीकिसवक़्तज़बाँहमकोमिली
जबकिकहनेकेलिएदिलमेंरहाकुछभीनहीं
  - Urfi Aafaqi
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