tu ne apna jalwa dikhaane ko jo naqaab munh se utha diya | तू ने अपना जल्वा दिखाने को जो नक़ाब मुँह से उठा दिया

  - Unknown
तूनेअपनाजल्वादिखानेकोजोनक़ाबमुँहसेउठादिया
वहींमहव-ए-हैरत-ए-बे-ख़ुदीमुझेआइनासाबनादिया
वोजोनक़्श-ए-पाकीतरहरहीथीनुमूदअपनेवजूदकी
सोकशिशनेदामन-ए-नाज़कीउसेभीज़मींसेमिटादिया
रग-ओ-पैमेंआगभड़कउठीफुंकेहैपड़ायेसभीबदन
मुझेसाक़ियामय-ए-आतिशींकायेजामकैसापिलादिया
जभीजाकेमकतब-ए-इश्क़मेंसबक़-ए-मक़ाम-ए-फ़नालिया
जोलिखापढ़ाथा'नियाज़'नेसोवोसाफ़दिलसेभुलादिया
  - Unknown
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