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Umesh Maurya
tumhaare KHvaab men ham kho gaye kuchh der ke khaatir
tumhaare KHvaab men ham kho gaye kuchh der ke khaatir | तुम्हारे ख़्वाब में हम खो गए कुछ देर के ख़ातिर
- Umesh Maurya
तुम्हारे
ख़्वाब
में
हम
खो
गए
कुछ
देर
के
ख़ातिर
हमारे
साथ
में
तुम
हो
गए
कुछ
देर
की
ख़ातिर
- Umesh Maurya
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ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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हवा
चली
तो
उसकी
शॉल
मेरी
छत
पे
आ
गिरी
ये
उस
बदन
के
साथ
मेरा
पहला
राब्ता
हुआ
Zia Mazkoor
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बारिशें
जाड़े
की
और
तन्हा
बहुत
मेरा
किसान
जिस्म
और
इकलौता
कंबल
भीगता
है
साथ-साथ
Parveen Shakir
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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अच्छी
बुरी
हर
इक
कमी
के
साथ
हैं
हम
यार
आँखों
की
नमी
के
साथ
हैं
दो
जिस्म
ब्याहे
जा
रहे
हैं
आज
भी
हम
सब
पराए
आदमी
के
साथ
हैं
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Neeraj Neer
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जब
तक
जला
ये
हम
भी
जले
इसके
साथ
साथ
जब
बुझ
गया
चराग़
तो
सोना
पड़े
हमें
Abbas Qamar
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कुछ
तो
हवा
भी
सर्द
थी
कुछ
था
तिरा
ख़याल
भी
दिल
को
ख़ुशी
के
साथ
साथ
होता
रहा
मलाल
भी
Parveen Shakir
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बात
करते
हुए
बे-ख़याली
में
ज़ुल्फ़ें
खुली
छोड़
दी
हम
निहत्थों
पे
उसने
ये
कैसी
बलाएँ
खुली
छोड़
दी
साथ
जब
तक
रहे
एक
लम्हे
को
भी
रब्त
टूटा
नहीं
उसने
आँखें
अगर
बंद
कर
ली
तो
बाँहें
खुले
छोड़
दी
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Khurram Afaq
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मुझे
अब
आइनों
की
क्या
ज़रूरत
मैं
अपने
साथ
अब
रहने
लगा
हूँ
Madan Mohan Danish
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नाम
के
आगे
लगी
जो
सीग
है
बा-अदब
झुकनें
नहीं
देती
है
वो
Umesh Maurya
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कहाँ
आसान
है
तुमको
भुला
पाना
मेरी
जानाँ
मगर
इस
उम्र
में
किस
सेे
कहूँ
की
याद
आती
है
Umesh Maurya
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कुल
मिलाकर
कुछ
नहीं
अब
दरमियाँ
अपने
कुल
मिलाकर
हम
तुम्हारे
हो
नहीं
पाए
Umesh Maurya
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जीवन
पज़ल
है
और
किसी
खेल
की
तरह
हम
क़ैद
में
हैं
आज
खुली
जेल
की
तरह
Umesh Maurya
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मोहब्बत
से
बहुत
से
लोग
डरते
इसलिए
भी
है
मोहब्बत
तोड़
देती
है
बहुत
सी
रुढ़ियों
को
भी
Umesh Maurya
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