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Umesh Maurya
teri aankhoñ men chhalkati jheel ka mausam haseen
teri aankhoñ men chhalkati jheel ka mausam haseen | तेरी आँखों में छलकती झील का मौसम हसीं
- Umesh Maurya
तेरी
आँखों
में
छलकती
झील
का
मौसम
हसीं
अब्र
हों
जैसे
कि
महकी
हों
कहीं
फुलवारियाँ
- Umesh Maurya
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बदल
गए
मेरे
मौसम
तो
यार
अब
आए
ग़मों
ने
चाट
लिया
ग़म-गुसार
अब
आए
Farhat Abbas Shah
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हमारा
काम
तो
मौसम
का
ध्यान
करना
है
और
उस
के
बाद
के
सब
काम
शश-जहात
के
हैं
Pallav Mishra
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मंज़र
बना
हुआ
हूँ
नज़ारे
के
साथ
मैं
कितनी
नज़र
मिलाऊँ
सितारे
के
साथ
मैं
दरिया
से
एक
घूँट
उठाने
के
वास्ते
भागा
हूँ
कितनी
दूर
किनारे
के
साथ
मैं
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Khalid Sajjad
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हमें
इस
मिट्टी
से
कुछ
यूँँ
मुहब्बत
है
यहीं
पे
निकले
दम
दिल
की
ये
हसरत
है
हमें
क्यूँ
चाह
उस
दुनिया
की
हो
मौला
हमारी
तो
इसी
मिट्टी
में
जन्नत
है
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Harsh saxena
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पत्थर
दिल
के
आँसू
ऐसे
बहते
हैं
जैसे
इक
पर्वत
से
नदी
निकलती
है
Shobhit Dixit
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कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
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Tehzeeb Hafi
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मिरी
ज़बान
के
मौसम
बदलते
रहते
हैं
मैं
आदमी
हूँ
मिरा
ए'तिबार
मत
करना
Asim Wasti
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रात
के
जिस्म
में
जब
पहला
पियाला
उतरा
दूर
दरिया
में
मेरे
चाँद
का
हाला
उतरा
Kumar Vishwas
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लब-ए-दरिया
पे
देख
आ
कर
तमाशा
आज
होली
का
भँवर
काले
के
दफ़
बाजे
है
मौज
ऐ
यार
पानी
में
Shah Naseer
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मैं
हूँ
सदियों
से
भटकता
हुआ
प्यासा
दरिया
ऐ
ख़ुदा
कुछ
तो
समुंदर
के
सिवा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
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कहाँ
आसान
है
तुमको
भुला
पाना
मेरी
जानाँ
मगर
इस
उम्र
में
किस
सेे
कहूँ
की
याद
आती
है
Umesh Maurya
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समुंदर
भी
यहाँ
प्यासा
ही
निकला
नदी
का
होठ
चू
में
जा
रहा
है
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Umesh Maurya
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अदालत
में
ग़लत
साबित
न
हो
बस
बुराई
भी
बुरी
होती
नहीं
तब
Umesh Maurya
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तुम
तक
ही
था
इन
साँसों
का
ताना
बाना
इक
दिन
पंछी
उड़
जाएगा
छोड़
ठिकाना
Umesh Maurya
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डरें
हिंदू
डरें
मुस्लिम
हुकूमत
इस
तरह
की
हो
किसी
भी
एक
का
डर
ख़त्म
होगा
तो
बुरा
होगा
Umesh Maurya
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