ik din zabaan sukoot ki poori banaoonga | इक दिन ज़बाँ सुकूत की पूरी बनाऊँगा

  - Umair Najmi
इकदिनज़बाँसुकूतकीपूरीबनाऊँगा
मैंगुफ़्तुगूकोग़ैर-ज़रूरीबनाऊँगा
तस्वीरमेंबनाऊँगादोनोंकेहाथऔर
दोनोंमेंएकहाथकीदूरीबनाऊँगा
मुद्दतसमेतजुमलाज़वाबितहोंतय-शुदा
या'नीतअ'ल्लुक़ातउबूरीबनाऊँगा
तुझकोख़बरहोगीकिमैंआस-पासहूँ
इसबारहाज़िरीकोहुज़ूरीबनाऊँगा
रंगोंपेइख़्तियारअगरमिलसकाकभी
तेरीसियाहपुतलियाँभूरीबनाऊँगा
जारीहैअपनीज़ातपेतहक़ीक़आज-कल
मैंभीख़लापेएकथ्योरीबनाऊँगा
मैंचाहकरवोशक्लमुकम्मलकरसका
उसकोभीलगरहाथाअधूरीबनाऊँगा
  - Umair Najmi
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