इकदिनज़बाँसुकूतकीपूरीबनाऊँगा
मैंगुफ़्तुगूकोग़ैर-ज़रूरीबनाऊँगा
तस्वीरमेंबनाऊँगादोनोंकेहाथऔर
दोनोंमेंएकहाथकीदूरीबनाऊँगा
मुद्दतसमेतजुमलाज़वाबितहोंतय-शुदा
या'नीतअ'ल्लुक़ातउबूरीबनाऊँगा
तुझकोख़बरनहोगीकिमैंआस-पासहूँ
इसबारहाज़िरीकोहुज़ूरीबनाऊँगा
रंगोंपेइख़्तियारअगरमिलसकाकभी
तेरीसियाहपुतलियाँभूरीबनाऊँगा
जारीहैअपनीज़ातपेतहक़ीक़आज-कल
मैंभीख़लापेएकथ्योरीबनाऊँगा
मैंचाहकरवोशक्लमुकम्मलनकरसका
उसकोभीलगरहाथाअधूरीबनाऊँगा