mubarak hon tujhe khairaat ke gul | मुबारक हों तुझे ख़ैरात के गुल

  - Ujjawal Vashishtha
मुबारकहोंतुझेख़ैरातकेगुल
खिलेंगेफिरमिरेहालातकेगुल
कोईतोजीतकरभीख़ुशनहींहै
किसीकोभारहेहैंमातकेगुल
अभीजुमलोंमेंउनकेहैशरारत
अभीताज़ाहैंकुछजज़्बातकेगुल
दु'आगोहैंकईहंसोंकेजोड़े
खिलादेयाख़ुदाबरसातकेगुल
तुम्हारीख़ुशबुएँपहचानताहूँ
येलगतेहैंतुम्हारेहाथकेगुल
अभीहरहुक्ममानाजारहाहै
अभीताज़ाहैंमेरीबातकेगुल
उन्हेंकैसेनज़र-अंदाज़करदूँ
जोतुमनेभेजेहैसौग़ातकेगुल
  - Ujjawal Vashishtha
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