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Trinetra Dubey
dar mujhe maut ka bhi nahin hai
dar mujhe maut ka bhi nahin hai | डर मुझे मौत का भी नहीं है
- Trinetra Dubey
डर
मुझे
मौत
का
भी
नहीं
है
यार
हम
ख़ुद-कुशी
कर
रहे
क्या
- Trinetra Dubey
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तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
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अपने
क़ातिल
की
ज़ेहानत
से
परेशान
हूँ
मैं
रोज़
इक
मौत
नए
तर्ज़
की
ईजाद
करे
Parveen Shakir
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माँ
की
आग़ोश
में
कल
मौत
की
आग़ोश
में
आज
हम
को
दुनिया
में
ये
दो
वक़्त
सुहाने
से
मिले
Kaif Bhopali
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मौत
वो
है
जो
आए
सजदे
में
ज़िन्दगी
वो
जो
बंदगी
हो
जाए
क्या
कहूँ
आप
कितने
प्यारे
हैं
इतने
प्यारे
कि
प्यार
ही
हो
जाए
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Vikram Gaur Vairagi
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लेने
आएगी
मौत
जब
मुझको
मेरे
पहलू
में
आब-ए-ज़मज़म
हो
Amaan Pathan
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मौत
को
हम
ने
कभी
कुछ
नहीं
समझा
मगर
आज
अपने
बच्चों
की
तरफ़
देख
के
डर
जाते
हैं
Shakeel Jamali
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ज़िस्त
की
जान
जाते
भी
देखा
हूँ
मैं
मौत
को
साँस
आते
भी
देखा
हूँ
मैं
सब
तो
हँसते
ही
हैं
मेरे
हालात
पे
दर्द
को
मुस्कुराते
भी
देखा
हूँ
मैं
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SHIV SAFAR
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बरस
रही
है
आँखें
हैं
ये
इनको
बादल
मत
कहना
मौत
हुई
है
दिल
की
मेरे
उसको
घाइल
मत
कहना
जीवन
भर
वो
साथ
रहेगा
प्यार
करेगा
बस
तुमको
मुझको
पागल
कह
देती
थी
उसको
पागल
मत
कहना
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Tanoj Dadhich
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देखो
मौत
का
मौसम
आने
वाला
है
ज़िंदा
रहना
सब
सेे
बड़ी
लड़ाई
है
Shadab Asghar
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मौत
के
साथ
हुई
है
मिरी
शादी
सो
'ज़फ़र'
उम्र
के
आख़िरी
लम्हात
में
दूल्हा
हुआ
मैं
Zafar Iqbal
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एक
यार
से
यारी
और
दुश्मनी
भी
है
सो
कभी
कभी
दुश्मन
ला-जवाब
होते
हैं
Trinetra Dubey
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जेब
ख़ाली
पड़ी
और
घर
जा
रहे
ऐब
ही
ऐब
अब
तो
नज़र
आ
रहे
Trinetra Dubey
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नज़र
भर
नज़र
एक
जब
से
निहारे
दिलों
में
रहे
दिल
मचल
कुछ
दिनों
से
Trinetra Dubey
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गर
मिरे
पास
घर
नहीं
होता
लोभ
में
हम-सफ़र
नहीं
होता
चाहते
चाहते
गया
थक
मैं
प्यार
उसको
मगर
नहीं
होता
रोज़
उसको
गले
लगा
लूँ
मैं
कल्पना
में
डगर
नहीं
होता
ज़िन्दगी
उस
मक़ाम
पर
कोई
छोड़
भी
दे
असर
नहीं
होता
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Trinetra Dubey
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बेचकर
पेट
दिल
के
निवाले
हुए
यानी
बाज़ार
से
हम
निकाले
हुए
रंग
काला
जुदा
लोग
हैं
और
हम
दिल
को
बाज़ार
में
हैं
उछाले
हुए
हम
तड़पते
रहे
रौशनी
के
लिए
नेत्र
मेरे
जो
फूटे
उजाले
हुए
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Trinetra Dubey
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