zindagi kya zindagi hai | ज़िंदगी क्या ज़िंदगी है

  - Toyesh prakash
ज़िंदगीक्याज़िंदगीहै
वोनहींतोकुछकमीहै
आजमुद्दतसेख़ुशीहै
बातदिलकीजोकहीहै
झूठेवादेदेखकरतो
आरज़ूमिटतीगईहै
फ़ोनअबतकतोआया
रातकितनीहोगईहै
अबख़ुदीकीधड़कनोंपर
लगताहैवोरहीहै
छुपचुकेउसमेंकहींहम
वोमगरकबढूँढ़तीहै
दिनगुज़रतेहैं,अभीयूँँ
जानकरवोरूठतीहै
हमनहींउसभीड़मेंजो
बोलकरकुछसोचतीहै
खोगएइकदूसरेमें
प्यारजोभीहैयहीहै
दोषहैतोयेशअपना
वोकहाँकुछजानतीहै
  - Toyesh prakash
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