vaqt ke dukh men mirii aankhoñ se chalke aañsu | वक़्त के दुख में मिरी आँखों से छलके आँसू

  - ADITYA TIWARI
वक़्तकेदुखमेंमिरीआँखोंसेछलकेआँसू
होगएअश्कमिरेऐसेअजलकेआँसू
इतनाग़मथाकिमिरीओरसेरोयाअंबर
होगएअब्रतिरेहिज्रमेंजलकेआँसू
वोकोईलालसियाहीनहींहैख़तमेंसनम
अबकीआँखोंसेगिरेरंगबदलकेआँसू
हरघड़ीसफ़्हेकेआरिज़पेनमीरहतीहै
यूँँतिरीयादमेंगिरतेहैंग़ज़लकेआँसू
दिलनेफिरमारातमाचामिरीमजबूरीको
फिरतिराज़िक्रचलाआँखसेछलकेआँसू
फिरख़यालआयाहैतुमसेेहैबिछड़नाइकदिन
फिरचलेआएहैंआँखोंमेंटहलकेआँसू
अबकीबारिशमेंकोईतुझसेेभीतन्हाथाशम्स
रोकेरुकतेनहींथेअबकीफ़सलकेआँसू
  - ADITYA TIWARI
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