bhanwar ke dard ko jeene laga hooñ | भँवर के दर्द को जीने लगा हूँ

  - ADITYA TIWARI
भँवरकेदर्दकोजीनेलगाहूँ
मैंसाहिलसेकिनाराचाहताहूँ
मिरादिलमुझसेेइकदिनकहरहाथा
किमैंदुनियाकोबेहतरजानताहूँ
अबउसकेदीदकाभीमननहींहै
मैंअबपत्थरकोपत्थरबोलताहूँ
मिराउसतकपहुँचनाअबहैआसाँ
मैंअपनीरहगुज़रसेहटगयाहूँ
मैंइसमस्जिदकाभीहूँएकपत्थर
औरउसमंदिरमेंमैंहीदेवताहूँ
  - ADITYA TIWARI
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