ek kamra ghazal kitaaben gham | एक कमरा ग़ज़ल किताबें ग़म

  - ADITYA TIWARI
एककमराग़ज़लकिताबेंग़म
ख़्वाबवोकुछकहानियाँऔरहम
ठोकरेंहिज्रहाजतेंऔरमैं
एकहीज़ख़्महैकईमरहम
ज़िंदगीसीहैंतेरीज़ुल्फ़ेंऔर
हादसोंसेहैंइन
मेंपेच-ओ-ख़म
नौकरीनामऔरशोहरतमें
शुक्रहैबँटगएहैंमेरेग़म
जोकलंदरहैइकरियासतका
उसकोतोहफ़ेमेंख़ाकदेंगेहम
हैकिसीशम्सकीनज़रउसपर
इससेअनजानहैकोईशबनम
  - ADITYA TIWARI
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