jab bhi aayi ha | जब भी आई हमें सफ़र की याद

  - ADITYA TIWARI
जबभीआईहमेंसफ़रकीयाद
साथहीआईरहगुज़रकीयाद
रूहजबजारहीहैघरकीसम्त
जिस्मकोरहीहैघरकीयाद
जैसेमंज़िलक़रीबआनेलगी
छूकेगुज़रीहरइकसफ़रकीयाद
मयकशीतोहुईतिरेबिनपर
ख़ूबआईहमेंअसरकीयाद
एकहीपलमेंएकतुर्बतमें
होगईदफ़्नउम्रभरकीयाद
  - ADITYA TIWARI
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