haal-e-dil kyuuñ na tujhe aaj sunaayein ye bataa | हाल-ए-दिल क्यूँ न तुझे आज सुनाएँ ये बता

  - Haider Khan
हाल-ए-दिलक्यूँतुझेआजसुनाएँयेबता
क्यूँभलाइश्क़केजज़्बेकोदबाएँयेबता
हमतोइसजुर्म-ए-मोहब्बतमेंजलेजातेहैं
इसकीअबहमकोतूक्यादेगासज़ाएँयेबता
सबतोज़ाहिरहुएजाताहैमेरेचेहरेसे
राज़-ए-उल्फ़तकोभलाकैसेछुपाएँयेबता
दिलकीबस्तीकोतेरेआनेपेरौशनकरदें
यातेरेजानेपेहमइसकोजलाएँयेबता
तेरेपैरोंमेंझनकतीहुईपायलबांधे
यातेरेमाथेपेइकबोसासजाएँयेबता
तेरीआँखोंकेसमुंदरमेंकहींडूबचलें
यातेरेक़दमोंपेतारोंकोबिछाएँयेबता
तुझसेेआँखोंकोमिलातेहुएइज़हारकरें
याकिइज़हारमेंनज़रोंकोझुकाएँयेबता
हमकिसीऔरसफ़रकाकहींआगाज़करें
यातेरेसाथहीअबशहरबसाएँयेबता
हमकोघाइलकियालहजेनेकभीनज़रोंने
येअदाएँहैंतेरीयाहैंजफ़ाएँयेबता
कुछउसूलोंपेटिकाहोताहैरिश्तोंकाशजर
अबयहीचीज़तुझेकैसेसिखाएँयेबता
  - Haider Khan
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