gar vo patthar ho gaya hai to main patthar dekhooñ | गर वो पत्थर हो गया है तो मैं पत्थर देखूँ

  - Aakash Giri
गरवोपत्थरहोगयाहैतोमैंपत्थरदेखूँ
इकदफ़ापरमैंउसेहाथलगाकरदेखूँ
इसलिएइश्क़केमैदानमेंआयाहूँमैं
खेलताकैसेहैवोआख़िरीओवरदेखूँ
मानताहैहीनहींदेखामनाकरमैंने
आख़िरीदावयहीहैकिडराकरदेखूँ
औरतोकुछभीनहींवक़्तकीबर्बादीहै
छोड़करआपकोगरआपकेज़ेवरदेखूँ
खोगईहैजोमेरीनींदमुझेमिलजाए
झाड़करइसलिएहररोज़मैंबिस्तरदेखूँ
कितनीहीदेरकोईदेखसकेसूरजको
तेरीतस्वीरबहुततोमैंघड़ीभरदेखूँ
होगयापासमुझेपासहीतोहोनाथा
वोनहींहूँमैंकिजोइश्क़मेंनंबरदेखूँ
  - Aakash Giri
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