hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
ABhishek Parashar
khabar koi to laake do mujhe dost
khabar koi to laake do mujhe dost | ख़बर कोई तो लाके दो मुझे दोस्त
- ABhishek Parashar
ख़बर
कोई
तो
लाके
दो
मुझे
दोस्त
कि
जो
मेरा
था
अब
किसका
हुआ
है
- ABhishek Parashar
Download Sher Image
आ
कि
तुझ
बिन
इस
तरह
ऐ
दोस्त
घबराता
हूँ
मैं
जैसे
हर
शय
में
किसी
शय
की
कमी
पाता
हूँ
मैं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
35 Likes
टूटते
रिश्तों
से
बढ़कर
रंज
था
इस
बात
का
दरमियाँ
कुछ
दोस्त
थे,
और
दोस्त
भी
ऐसे,
के
बस
Renu Nayyar
Send
Download Image
36 Likes
दोस्ती
और
किसी
ग़रज़
के
लिए
वो
तिजारत
है
दोस्ती
ही
नहीं
Ismail Merathi
Send
Download Image
23 Likes
यूँँ
लगे
दोस्त
तिरा
मुझ
से
ख़फ़ा
हो
जाना
जिस
तरह
फूल
से
ख़ुशबू
का
जुदा
हो
जाना
Qateel Shifai
Send
Download Image
43 Likes
रात
दिन
तेरे
साथ
कटते
थे
यार
अब
तुझ
सेे
बात
से
भी
गए
ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Read Full
Kafeel Rana
Send
Download Image
54 Likes
ये
मख़मली
गद्दे
तो
तुझको
ही
मुबारक
हों
ऐ
दोस्त
मुझे
बस
माँ
की
गोद
ही
काफ़ी
है
Harsh saxena
Send
Download Image
6 Likes
तिरे
लबों
में
मिरे
यार
ज़ाइक़ा
नहीं
है
हज़ार
बोसे
हैं
उन
पर
प
इक
दु'आ
नहीं
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
25 Likes
मकाँ
तो
है
नहीं
जो
खींच
दें
दीवार
इस
दिल
में
कोई
दूजा
नहीं
रह
पाएगा
अब
यार
इस
दिल
में
जहाँ
भर
में
लुटाते
फिर
रहे
है
कम
नहीं
होता
तुम्हारे
वास्ते
इतना
रखा
था
प्यार
इस
दिल
में
Read Full
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
35 Likes
हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
Send
Download Image
66 Likes
फ़िराक़-ए-यार
ने
बेचैन
मुझ
को
रात
भर
रक्खा
कभी
तकिया
इधर
रक्खा
कभी
तकिया
उधर
रक्खा
Ameer Minai
Send
Download Image
35 Likes
Read More
रात
ये
सोचते
हुए
गुज़री
बस
मुझे
नींद
क्यूँ
नहीं
आती
ABhishek Parashar
Send
Download Image
4 Likes
जिसे
बर्बाद
करके
वो
हँसी
थी
हमारी
बस
हमारी
ज़िंदगी
थी
कहेंगे
अब
यही
सब
से
मोहब्बत
नहीं
थी
दोस्त
वो
तो
ख़ुद-कुशी
थी
तुम्हारी
इक
हँसी
पर
जान
दे
दी
तुम्हारी
इक
हँसी
ने
जान
ली
थी
Read Full
ABhishek Parashar
Download Image
5 Likes
फ़क़त
वो
शख़्स
मुझी
को
न
मिल
सका
वरना
सभी
से
मिलता
है
अक्सर
वो
बंद
कमरे
में
ABhishek Parashar
Send
Download Image
6 Likes
इक
मुझे
इस
चाय
की
लत
के
इलावा
उस
हसीं
औरत
के
होंठों
की
भी
लत
है
ABhishek Parashar
Send
Download Image
2 Likes
हम
से
गुफ़्तार
क्यूँँ
नहीं
करती
वो
हमें
प्यार
क्यूँँ
नहीं
करती
है
मोहब्बत
अगर
उसे
भी
तो
फिर
वो
इज़हार
क्यूँँ
नहीं
करती
प्यार
से
एक
दो
दफा
छू
कर
हम
को
बीमार
क्यूँँ
नहीं
करती
और
अब
तो
कहीं
नहीं
लगता
दिल
इसे
छार
क्यूँँ
नहीं
करती
Read Full
ABhishek Parashar
Download Image
6 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Fantasy Shayari
Valentine Shayari
Ujaala Shayari
Inquilab Shayari
Baaten Shayari