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ABhishek Parashar
ha
ha | हमें सब भूल जाना चाहिए था
- ABhishek Parashar
हमें
सब
भूल
जाना
चाहिए
था
दुबारा
दिल
लगाना
चाहिए
था
दुखा
था
दोस्त
जैसे
दिल
हमारा
हमें
उस
का
दुखाना
चाहिए
था
- ABhishek Parashar
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दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
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उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
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दिल
गया
रौनक़-ए-हयात
गई
ग़म
गया
सारी
काएनात
गई
Jigar Moradabadi
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हम
तो
बचपन
में
भी
अकेले
थे
सिर्फ़
दिल
की
गली
में
खेले
थे
Javed Akhtar
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न
तेरे
आने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
न
दिल
लगाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
क़सम
ख़ुदा
की
बताता
हूँ
राज़
ये
तुमको
नहारी
खाने
से
मेरा
शबाब
लौटा
है
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Paplu Lucknawi
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मैं
जब
सो
जाऊँ
इन
आँखों
पे
अपने
होंट
रख
देना
यक़ीं
आ
जाएगा
पलकों
तले
भी
दिल
धड़कता
है
Bashir Badr
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तुम्हें
हम
भी
सताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
तुम्हारा
दिल
दुखाने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हमें
बदनाम
करते
फिर
रहे
हो
अपनी
महफ़िल
में
अगर
हम
सच
बताने
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
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Santosh S Singh
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रातें
किसी
याद
में
कटती
हैं
और
दिन
दफ़्तर
खा
जाता
है
दिल
जीने
पर
माएल
होता
है
तो
मौत
का
डर
खा
जाता
है
सच
पूछो
तो
'तहज़ीब
हाफ़ी'
मैं
ऐसे
दोस्त
से
आज़िज़
हूँ
मिलता
है
तो
बात
नहीं
करता
और
फोन
पे
सर
खा
जाता
है
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Tehzeeb Hafi
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हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
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Shriyansh Qaabiz
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देखिए
होगा
श्री-कृष्ण
का
दर्शन
क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग
में
दिल
गोपियों
का
है
बेकल
Mohsin Kakorvi
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बाद
में
अफ़सोस
करने
से
है
अच्छा
वक़्त
रहते
हम
जुदा
हो
जाएँ
जानाँ
ABhishek Parashar
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तेरे
आगे
ज़माना
कुछ
नहीं
है
मेरी
नज़रों
में
दुनिया
कुछ
नहीं
है
मुझे
हर
बार
धोखा
ही
मिला
है
मगर
दिल
है
समझता
कुछ
नहीं
है
ज़रूरत
साथ
ले
आई
है
वरना
हमारे
बीच
रिश्ता
कुछ
नहीं
है
बहुत
ता'रीफ़
करता
है
वो
उसकी
मगर
वो
उसपे
लिखता
कुछ
नहीं
है
सभी
से
इश्क़
करता
फिर
रहा
है
मगर
वो
करता
धरता
कुछ
नहीं
है
मेरी
वीरान
सी
इस
ज़िंदगी
में
उदासी
के
अलावा
कुछ
नहीं
है
वो
भी
पैसे
कमाते
फिर
रहे
हैं
जो
कहते
थे
कि
पैसा
कुछ
नहीं
है
मोहब्बत
करने
तो
तुम
जा
रहे
हो
मियाँ
पर
इस
में
रक्खा
कुछ
नहीं
है
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ABhishek Parashar
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ख़्वाब
फिर
से
दिखा
रही
है
वो
मुझ
को
अपना
बता
रही
है
वो
ख़्वाब
है
कोई
या
हक़ीक़त
है
मेरे
नज़दीक
आ
रही
है
वो
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ABhishek Parashar
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वो
मुझे
तंग
कर
नहीं
सकते
उनको
ये
बात
तंग
करती
है
ABhishek Parashar
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मुझ
सेे
ये
हिज्र
नहीं
कटता
है
तुम
मेरे
ख़्वाब
में
आ
सकती
हो
ABhishek Parashar
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