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ABhishek Parashar
tumhein palken jhuka ke dekhna hai
tumhein palken jhuka ke dekhna hai | तुम्हें पलकें झुका के देखना है
- ABhishek Parashar
तुम्हें
पलकें
झुका
के
देखना
है
कभी
नज़रें
चुरा
के
देखना
है
बनाया
ही
नहीं
अपना
किसी
को
तुम्हें
अपना
बना
के
देखना
है
नहीं
करता
किसी
से
मैं
मोहब्बत
तुम्हीं
से
दिल
लगा
के
देखना
है
सुना
है
दोस्त
जादूगरनी
है
वो
उसे
जादू
दिखा
के
देखना
है
पुराने
ज़ख़्म
भरने
हैं
मुझे
सो
नया
रिश्ता
बना
के
देखना
है
- ABhishek Parashar
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कुछ
नज़र
आता
नहीं
उस
के
तसव्वुर
के
सिवा
हसरत-ए-दीदार
ने
आँखों
को
अंधा
कर
दिया
Haidar Ali Aatish
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जिस
शाने
पर
सर
रखते
हो
उस
शाने
पर
सो
जाते
हो
जाने
कैसे
दीदावर
हो
हर
मंज़र
में
खो
जाते
हो
Poonam Yadav
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हमें
दीदार
से
मरहूम
रखकर
है
नज़र
दिल
पर
पराया
माल
ताको
और
दौलत
अपनी
रहने
दो
Dagh Dehlvi
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ख़ुद
को
शीशा
कर
लिया
है
यार
मैंने
अब
तो
तेरा
देखना
बनता
है
मुझ
को
Neeraj Neer
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यूँँ
बिछड़ना
भी
बहुत
आसाँ
न
था
उस
से
मगर
जाते
जाते
उस
का
वो
मुड़
कर
दोबारा
देखना
Parveen Shakir
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कौन
सी
जा
है
जहाँ
जल्वा-ए-माशूक़
नहीं
शौक़-ए-दीदार
अगर
है
तो
नज़र
पैदा
कर
Ameer Minai
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दो
मुल्कों
के
सियासी
खेल
में
जाने
यहाँ
पर
कितनों
के
घर
उजड़े
हैं
मौला
वही
हर
सुब्ह
मंज़र
देखना
पड़ता
हज़ारों
लोग
यूँँ
ही
मरते
हैं
मौला
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Harsh saxena
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कमाल
ये
है
मुझे
देखती
हैं
वो
आँखें
मलाल
ये
है
उन्हें
देखना
नहीं
आता
Dilawar Ali Aazar
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जलता
नहीं
हूँ
आतिश-ए-रुख़सार
देख
कर
करता
हूँ
नाज़
ताक़त-ए-दीदार
देख
कर
Shaikh Sohail
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समुंदर
में
भी
सहरा
देखना
है
मुझे
महफ़िल
में
तन्हा
देख
लेना
Aqib khan
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अपना
लिक्खा
हुआ
पढ़ा
है
कभी
तू
जो
लिखना
सिखा
रहा
है
मुझे
ABhishek Parashar
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मैं
उसके
हिज्र
में
पागल
भी
हो
सकता
था
यारो
मगर
मैंने
दुबारा
इश्क़
करना
ठीक
समझा
ABhishek Parashar
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तुझे
भी
पता
है
मुझे
भी
पता
है
भला
इश्क़
किसका
मुकम्मल
हुआ
है
मेरे
पास
ले
दे
के
ये
ग़म
बचा
है
न
पूछे
कोई
इश्क़
में
क्या
मिला
है
जिसे
मैं
बना
लेता
हूँ
अपनी
दुनिया
वही
शख़्स
दिल
से
मेरे
खेलता
है
मेरे
दिल
की
धड़कन
मेरा
प्यार
थी
वो
जिसे
आज
मैं
कहता
हूँ
बे-वफ़ा
है
मुझे
रात
भर
नींद
आती
नहीं
सो
मेरा
काम
बस
रात
भर
सोचना
है
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ABhishek Parashar
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कई
शे'र
मेरे
अधूरे
पड़े
हैं
वो
जब
से
मिरी
ज़िंदगी
से
गए
हैं
ABhishek Parashar
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और
कितना
मैं
रहूँगा
यूँँ
परेशाँ
इस
जहाँ
में
ऐ
ख़ुदा
आज़ाद
कर
दे
इस
जहाँ
से
अब
मुझे
तू
ABhishek Parashar
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