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Mayank Shukla
photographer muskaane ko kahtaa hai
photographer muskaane ko kahtaa hai | फोटोग्राफर मुस्काने को कहता है
- Mayank Shukla
फोटोग्राफर
मुस्काने
को
कहता
है
हमको
पूरी
जान
लगानी
पड़ती
है
- Mayank Shukla
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ज़्यादा
मीठा
हो
तो
चींटा
लग
जाता
है
सच्चे
इश्क़
को
अक्सर
बट्टा
लग
जाता
है
हमने
अपनी
जान
गंवाई
तब
जाना
भाव
मिले
तो
कुछ
भी
सट्टा
लग
जाता
है
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Ritesh Rajwada
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मजबूरी
में
रक़ीब
ही
बनना
पड़ा
मुझे
महबूब
रहके
मेरी
जो
इज़्ज़त
नहीं
हुई
Sabahat Urooj
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जान
लेना
कि
नया
हाथ
बुलाता
है
तुम्हें
गर
कोई
हाथ
छुड़ाए
तो
छुड़ाने
देना
Ameer Imam
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बहुत
पहले
से
उन
क़दमों
की
आहट
जान
लेते
हैं
तुझे
ऐ
ज़िंदगी
हम
दूर
से
पहचान
लेते
हैं
Firaq Gorakhpuri
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गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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इतनी
मिलती
है
मिरी
ग़ज़लों
से
सूरत
तेरी
लोग
तुझ
को
मिरा
महबूब
समझते
होंगे
Bashir Badr
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हल्की-हल्की
सी
हँसी,
साफ
इशारा
भी
नहीं
जान
भी
ले
गए
और,
जान
से
मारा
भी
नहीं
Sawan Shukla
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चढ़ते
हुवे
ए
शम्स
दिखा
ताव
भी
मगर
ये
जान
ले
कि
शाम
ढले
डूब
जाएगा
Afzal Ali Afzal
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तेरा
पीछा
करते
करते
जाने
क्यूँ
मैं
दुनियादारी
से
पीछे
छूट
गया
तूने
तो
ऐ
जान
महज़
दिल
तोड़ा
था
तू
क्या
जाने
मैं
अंदर
तक
टूट
गया
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Ritesh Rajwada
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हद
से
ज़ियादा
प्यार
से
उकता
न
जाए
तू
रखता
हूँ
सो
मैं
थोड़ी
कसर
जान-बूझ
कर
Mayank Shukla
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रास्ते
में
यक-ब-यक
यादों
का
मंज़र
आ
गया
दिल
की
बेचैनी
से
लगता
है
दिसंबर
आ
गया
Mayank Shukla
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फिर
से
उसी
गली
का
सफ़र
जान-बूझ
कर
क्यूँ
ओखली
में
देते
हो
सर
जान-बूझ
कर
Mayank Shukla
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वो
अपनी
होशियारी
पे
इतरा
रहा
है
और
मैंने
फँसाए
जाल
में
पर
जान-बूझ
कर
Mayank Shukla
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थोड़ा
सा
वक़्त
दीजिए
अच्छा
बनेगा
कुछ
वरना
यूँँ
जल्द-बाज़ी
में
भी
क्या
बनेगा
कुछ
ये
दफ़'अतन
कहाँ
से
तेरी
याद
आ
गई
अब
मेरे
कैनवास
पे
कुछ
का
बनेगा
कुछ
ये
देखिए
न
बन
गया
मैं
'आशिक़
आप
का
और
लोग
कहते
भी
तो
थे
लड़का
बनेगा
कुछ
दोनों
सिरों
से
मोडिए
चौथी
के
चाँद
को
फिर
देखिए
कि
आप
की
नथ
सा
बनेगा
कुछ
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Mayank Shukla
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