yah soch kar meraa sehra men jee nahin lagta | यह सोच कर मेरा सहरा में जी नहीं लगता

  - Tehzeeb Hafi
यहसोचकरमेरासहरामेंजीनहींलगता
मैंशामिलेसफेआवारगीनहींलगता
कभी-कभीवोख़ुदाबनकेसाथचलताहै
कभी-कभीतोवोइंसानभीनहींलगता
यक़ीनक्यूँनहींआतातुझेमेरेदिलपर
येफलकहाँसेतुझेमौसमीनहींलगता
मैंचाहताहूँवोमेरीजबींपेबौसादे
मगरजलीहुईरोटीकोघीनहींलगता
तेरेख़यालसेआगेभीएकदुनियाहै
तेराख़यालमुझेसरसरीनहींलगता
मैंउसकेपासकिसीकामसेनहींआता
उसेयेकामकोईकामहीनहींलगता
  - Tehzeeb Hafi
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