musalsal vaar karne par bhi zarra bhar nahin toota | मुसलसल वार करने पर भी ज़र्रा भर नहीं टूटा

  - Tehzeeb Hafi
मुसलसलवारकरनेपरभीज़र्राभरनहींटूटा
मैंपत्थरहोगयाफिरभीतेराख़ंजरनहींटूटा
मुझेबर्बादकरनेतकहीउसकेआस्ताँटूटे
मेरादिलटूटनेकेबादउसकाघरनहींटूटा
हमउसकाग़मभलाक़िस्मतपेकैसेटालसकतेहैं
हमारेहाथमेंटूटाहैवोगिरकरनहींटूटा
सरोंपरआसमाँआँखोंसेआईनेनज़रसेदिल
बहुतकुछटूटसकताथाबहुतकुछपरनहींटूटा
तिलिस्म-ए-यारमेंजबभीकमीआईनमीआई
उनआँखोंमेंजिन्हेंलगताथाजादूगरनहींटूटा
तेरेभेजेहुएतेशोंकीधारेंतेज़थी'हाफ़ी'
मगरइनसेयेकोह-ए-ग़मज़ियादातरनहींटूटा
  - Tehzeeb Hafi
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