शिकवानहोतसलसुल-ए-आह-ओ-फ़ुग़ाँरहे
वोचाहतेहैंआगनभड़केधुआँरहे
लैल-ओ-नहारपहलेजोथेअबकहाँरहे
हाँयादहैकितुमभीकभीमेहरबाँरहे
क़ुर्बतमेंआपड़ेथेक़यामतकेफ़ासले
तन्हाथेहमतोक़ौल-ओ-क़समदरमियाँरहे
हरगामपरहैंदार-ओ-रसनकीसहूलतें
अबजिस्म-ओ-जाँलुटाओकिनाम-ओ-निशाँरहे
यूँँमुस्कुराकेतर्क-ए-त'अल्लुक़कीगुफ़्तुगू
ऐसासितमकिजिसपेकरमकागुमाँरहे
राहोंकेपेच-ओ-ख़ममेंमुसाफ़िरबिखरगए
अबकारवाँक़यामकरेयारवाँरहे
ख़ुश्बू-ए-पैरहनमेंबसाहैरुवाँरूवाँ
वोहमसेलाखदूररहेजुज़्व-ए-जाँरहे