bahaar aane ki ummeed ke khumaar men tha | बहार आने की उम्मीद के ख़ुमार में था

  - Taimur Hasan
बहारआनेकीउम्मीदकेख़ुमारमेंथा
ख़िज़ाँकेदौरमेंभीमौसम-ए-बहारमेंथा
जिसेसुनानेगयाथामैंज़िंदगीकीनवीद
वोशख़्सआख़िरीहिचकीकेइंतिज़ारमेंथा
सिपाह-ए-अक़्ल-ओ-ख़िरदमुझपेहमला-आवरथी
मगरमैंइश्क़केमज़बूत-तरहिसारमेंथा
मिरानसीबचमकताभीकिसतरहआख़िर
मिरासिताराकिसीदूसरेमदारमेंथा
उठाकेहाथदु'आमाँगनाहीबाक़ीहै
वगर्नाकरचुकासबकुछजोइख़्तियारमेंथा
उसेतोइसलिएछोड़ाथावोनिहत्ताहै
ख़बरथीकिवोमौक़ेकेइंतिज़ारमेंथा
वोकहरहाथामुझेनाज़अपनेइज्ज़पेहै
अजबतरहकाग़ुरूरउसकेइंकिसारमेंथा
  - Taimur Hasan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy