cheekhte hain dar-o-deewar nahin hota main | चीख़ते हैं दर-ओ-दीवार नहीं होता मैं

  - Tahzeeb Hafi
चीख़तेहैंदर-ओ-दीवारनहींहोतामैं
आँखखुलनेपेभीबेदारनहींहोतामैं
ख़्वाबकरनाहोसफ़रकरनाहोयारोनाहो
मुझमेंख़ूबीहैबेज़ारनहींहोतामें
अबभलाअपनेलिएबननासँवरनाकैसा
ख़ुदसेमिलनाहोतोतय्यारनहींहोतामैं
कौनआएगाभलामेरीअयादतकेलिए
बसइसीख़ौफ़सेबीमारनहींहोतामैं
मंज़िल-ए-इश्क़पेनिकलातोकहारस्तेने
हरकिसीकेलिएहमवारनहींहोतामैं
तेरीतस्वीरसेतस्कीननहींहोतीमुझे
तेरीआवाज़सेसरशारनहींहोतामैं
लोगकहतेहैंमैंबारिशकीतरहहूँ'हाफ़ी'
अक्सरऔक़ातलगातारनहींहोतामैं
  - Tahzeeb Hafi
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