kuchh zaroorat se kam kiya gaya hai | कुछ ज़रूरत से कम किया गया है

  - Tahzeeb Hafi
कुछज़रूरतसेकमकियागयाहै
तेरेजानेकाग़मकियागयाहै
ता-क़यामतहरेभरेरहेंगे
इनदरख़्तोंपेदमकियागयाहै
इसलिएरौशनीमेंठंडकहै
कुछचराग़ोंकोनमकियागयाहै
क्यायेकमहैकिआख़िरीबोसा
उसजबींपररक़मकियागयाहै
पानियोंकोभीख़्वाबआनेलगे
अश्कदरियामेंज़मकियागयाहै
उनकीआँखोंकातज़्किराकरके
मेरीआँखोंकोनमकियागयाहै
धूलमेंअटगएहैंसारेग़ज़ाल
इतनीशिद्दतसेरमकियागयाहै
  - Tahzeeb Hafi
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