meh-o-anjum ne qaba ki to tumhaare li.e ki | मह-ओ-अंजुम ने क़बा की तो तुम्हारे लिए की

  - Tahseen Firaqi
मह-ओ-अंजुमनेक़बाकीतोतुम्हारेलिएकी
चाँदचेहरोंपेरिदाकीतोतुम्हारेलिएकी
वोभीथामौजमेंयेदिलभीबहकनेहीकोथा
अपनेहाथोंनेहयाकीतोतुम्हारेलिएकी
कोह-ओ-सहरामेंभटकतेसर-ए-साहिलफिरते
मैंनेहरगामसदाकीतोतुम्हारेलिएकी
दिलकेइसतपतेहुएतुंदबयाबाँकेबीच
मैंनेइकनहरबनाकीतोतुम्हारेलिएकी
मुझसेथाबर-सर-ए-कींरब्त-ए-निहाँतुमसेथा
दिलनेगरतुमसेवफ़ाकीतोतुम्हारेलिएकी
रातमव्वाजथीजबहाथउठेउसकेहुज़ूर
सबसेपहलेजोदु'आकीतोतुम्हारेलिएकी
मैंकहाँऔरकहाँशाएरीमैंनेतोफ़क़त
मज्लिस-ए-शेरबपाकीतोतुम्हारेलिएकी
  - Tahseen Firaqi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy