har taraf katarnen hain | हर तरफ़ कतरनें हैं

  - Tabish Kamal
हरतरफ़कतरनेंहैं
वोगुड़ियायहींथीमगरअबदिखाईनहींदेरही
औरयेधागे,यक़ीननवोगेसूहैंजिनकेलिएमेरीरातेंकटीं
रूईधुनकीहुईहै
कहींख़ूनकाकोईधब्बानहीं
इकतरफ़उसकीपोशाकउधड़ीपड़ीहै
उधरउसकीआँखें,कटेअब्रूओंसेअलग,
ख़ौफ़-ओ-दहशतमेंलुथड़ीहुई
हरतरफ़कतरनेंहैं
बदनरेशारेशाहै
नीचेकाधड़चीलकव्वेउठालेगए
लबोंकालहूजमगयाहै
(लहू,जोयक़ीननकिसीऔरकाहै)
गलेपरकिसीगुर्गकेदाँतखींचेहुएहैं
वोगुड़ियानहींहैमगरहरतरफ़कतरनेंहैं
मैंआइंदागुड़ियाकीख़ातिरकपासऔरधागेनहींलाऊँगा
कतरनेंलेकेअपनीकिसीऔरजानिबनिकलजाऊँगा
  - Tabish Kamal
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