येशहरआफ़तोंसेतोख़ालीकोईनथा
जबहमसख़ीहुएतोसवालीकोईनथा
लिक्खाहैदास्ताँमेंकिगुलशनउजड़तेवक़्त
गुलचींबे-शुमारथेमालीकोईनथा
उसदश्तमेंमिराहीहयूलाथाहरतरफ़
मैंनेहीशम-ए-इश्क़जलालीकोईनथा
जलसेउजड़गएथेकिसीख़ुद-फ़रेबके
ख़ुदहीबजारहाथावोतालीकोईनथा
'ताबिश'हरएकदिलमेंशरारेथेक़हरके
होपासजिसकेसोज़-ए-बिलालीकोईनथा