mauj-e-khoon sar se guzarti hai guzar jaane do | मौज-ए-ख़ूँ सर से गुज़रती है गुज़र जाने दो

  - Tabassum Rizvi
मौज-ए-ख़ूँसरसेगुज़रतीहैगुज़रजानेदो
कहींयेगर्दिश-ए-अय्यामठहरजानेदो
उठनेवालीहैकोईदममेंसितारोंकीबिसात
औरकुछदेरकानश्शाहैउतरजानेदो
राहमेंरोककेअहवालपूछोहमसे
अभीबाक़ीहैबहुतअपनासफ़रजानेदो
अभीहंगामनहींराहमेंदमलेनेका
अभीयेक़ाफ़िला-ए-अहल-ए-नज़रजानेदो
लबपेकेरहीजातीहैंकितनीबातें
हमेंकहनातोबहुतकुछहैमगरजानेदो
  - Tabassum Rizvi
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