ashkon ke guhar yuñ sar-e-mizgaan bhi na tolen | अश्कों के गुहर यूँँ सर-ए-मिज़्गाँ भी न तोलें

  - Tabassum Rizvi
अश्कोंकेगुहरयूँँसर-ए-मिज़्गाँभीतोलें
इनआँखोंसेकहदोकिअभीराज़खोलें
तस्कीन-दिल-ओ-जाँकीतोनिकलेकोईसूरत
इसनेज़ा-ए-मिज़्गाँकीअनीदिलचुभोलें
आँखोंसेकरेंक्यातुनकआबीकीशिकायत
दिलहीकेलहूसेकभीपलकोंकोभिगोलें
चाहततोहरइकबातसेज़ाहिरहैअबउनकी
हरचंदज़बाँसेकहेंमुँहसेबोलें
क़िस्मतमेंअगरतुमसेबिछड़नाहीलिक्खाहै
इकबारतुम्हेंअपनेसेलिपटाकेतोरोलें
  - Tabassum Rizvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy