हमशोरीदाकड़वेतल्ख़कसीलेज़ाइक़े
रातकीपुर-शहवतआँखोंसेटपकेताज़ाक़तरे
शामकेकालेसियाहमाथेकीनंगीमख़रूतीख़ारिश
दोपहरोंकेजलतेगोश्तकीतेज़बिसांद
रातकीकालीरानसेबहताअंधालावा
ख़लीजकीगहराईसेबाहरआता
क़दमक़दमपरख़ौफ़तबाहीदहशतपैदाकरता
बिखररहाहै
रातोंकीसय्यालमलामतअपनीलंबीज़ुल्फ़बिखेरे
कड़वेमौसमकेजश्नोंमेंनाचरहीहै
कड़वेतल्ख़कसीलेज़ाइक़ोंकेइनजश्नोंमें
गर्दनतकमैंपिघलगयाहूँ
माथेपरइनशोरीदाजश्नोंकीमोहरेंसब्तहुईहैं
कड़वेज़ाइक़ेजोंकेंबनकरतालूसेअबचिमटगएहैं
तेज़औरतुंदतेज़ाबीसूरज
हाँपतेऔरकराहतेसर्दमकानोंकीमुतवर्रिमचीख़ें
मुतवर्रिमसाँसोंमेंसुर्ख़तशद्दुदकीचीख़ें
मेरेकानमेंसुर्ख़तशद्दुदकीचीख़ोंकी
छावनियाँआबादहुईहैं
हमशोरीदाकड़वेतल्ख़कसीलेज़ाइक़े
नौ-ज़ाइदाशहरोंकेमुँहपे
क़तराक़तराटपकरहेहैं