roya na hooñ jahaan men garebaan ko apne faad | रोया न हूँ जहाँ में गरेबाँ को अपने फाड़

  - Taban Abdul Hai
रोयाहूँजहाँमेंगरेबाँकोअपनेफाड़
ऐसाकोईदश्तहैज़ालिमकुइउजाड़
आताहैमोहतसिबप-ए-ताज़ीरमय-कशो
पगड़ीकोउसकीफेंकदोदाढ़ीकोलोउखाड़
साबितथाजबतलकयेगरेबाँख़फ़ाथामैं
करतेहीचाकखुलगएछातीकेसबकिवाड़
मेरेग़ुबारनेतोतिरेदिलमेंकीहैजा
गोमेरीमुश्त-ए-ख़ाकसेदामनकीतईंतूझाड़
'ताबाँ'ज़ि-बसहवा-ए-जुनूँसरमेंहैमिरे
अबमैंहूँऔरदश्तहैयेसरहैऔरपहाड़
  - Taban Abdul Hai
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