kaii din ho ga.e ya-rab nahin dekha hai yaar apna | कई दिन हो गए या-रब नहीं देखा है यार अपना

  - Taban Abdul Hai
कईदिनहोगएया-रबनहींदेखाहैयारअपना
हुआमालूमयूँँशायदकियाकमउननेप्यारअपना
हवाभीइश्क़कीलगनेदेतामैंउसेहरगिज़
अगरइसदिलपेहोताहाएकुछभीइख़्तियारअपना
येदोनोलाज़िम-ओ-मलज़ूमहैंगोयाकिआपसमें
यारअपनाकभूहोतेसुनानेरोज़गारअपना
हुआहूँख़ाकउसकेग़ममेंतोभीसीना-साफ़ीसे
नहींखोताहैवोआईना-रूदिलसेग़ुबारअपना
येशोअ'लासातुम्हारारंगकुछज़ोरहीझमकताहै
जलाक्यूँँकरदूँमैंख़िर्मन-ए-सब्र-ओ-क़रारअपना
सर-ए-फ़ितराकथाउसकोथालेकिननसीबोंमें
तड़पताछोड़करजातारहाज़ालिमशिकारअपना
तुझेलाज़िमहैहोनामेहरबाँ'ताबाँ'ज़ालिम
किहैबेताबअपना'आशिक़अपनाबे-क़रारअपना
  - Taban Abdul Hai
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