सुब्ह-ए-बहार-ओ-शाम-ए-ख़िज़ाँकुछनकुछतोहो
बे-नामज़िंदगीकानिशाँकुछनकुछतोहो
ख़ामोशियोंकीआगमेंजलताहैमय-कदा
दिल-दादगान-ए-शो'ला-रुख़ाँकुछनकुछतोहो
जीनेकेवास्तेकोईसूरततोचाहिए
होशम-ए-अंजुमनकिधुआँकुछनकुछतोहो
चुपचुपहैमौजऔरकिनारेउदासहैं
ऐज़िंदगीकेसैल-ए-रवाँकुछनकुछतोहो
सुब्ह-ए-अज़लकारूपकिशाम-ए-अबदकागीत
सायाहोधूपहोकिगुमाँकुछनकुछतोहो
साक़ीनएचराग़मुबारकतुझेमगर
जोबुझचुकेहैंउनकाबयाँकुछनकुछतोहो
कोईहसीनगीतकोईरस-भरीग़ज़ल
यारोइलाज-ए-ग़म-ज़दगाँकुछनकुछतोहो
मानाकि'ताब'यूँँभीगुज़रजाएगीमगर
ज़िक्र-ए-जमाल-ए-गुल-बदनाँकुछनकुछतोहो