dil ke sehra men bade zor ka baadal barsa | दिल के सहरा में बड़े ज़ोर का बादल बरसा

  - Tab Aslam
दिलकेसहरामेंबड़ेज़ोरकाबादलबरसा
इतनीशिद्दतसेकोईरातमुझेयादआया
जिससेइकउम्ररहादा'वा-ए-क़ुर्बतमुझको
हाएउसनेकभीआँखउठाकरदेखा
तोमिरीमंज़िल-ए-मक़्सूदहैलेकिननापैद
मैंतिरीधुनमेंशब-ओ-रोज़भटकनेवाला
फैलजातातिरेहोंटोंपेतबस्सुमकीतरह
काशहालातकापहलूकभीहोऐसा
कितनीशिद्दतसेतिरेआरिज़-ओ-लबयादआए
जबसर-ए-शामउफ़ुक़परकोईताराचमका
अबकेइसतौरसेआईथीगुलिस्ताँमेंबहार
दामन-ए-शाख़मेंसूखाहुआपत्ताभीथा
दास्ताँग़मकीउसे'ताब'सुनातेक्यूँँहो
कबरग-ए-संगसेख़ूँकाकभीधारानिकला
  - Tab Aslam
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