hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shashank Shekhar Pathak
kuchh aise maine toote dil ki saakh bacha rakkhi hai
kuchh aise maine toote dil ki saakh bacha rakkhi hai | कुछ ऐसे मैंने टूटे दिल की साख बचा रक्खी है
- Shashank Shekhar Pathak
कुछ
ऐसे
मैंने
टूटे
दिल
की
साख
बचा
रक्खी
है
तस्वीर
जला
दी
उसकी
लेकिन
राख
बचा
रक्खी
है
तुम
क्या
जानो
क्या
गुज़री
है
मुझ
जैसे
इन
पेड़ों
पर
कैसे
पतझड़
में
पेड़ों
ने
अपनी
शाख
बचा
रक्खी
है
- Shashank Shekhar Pathak
Download Sher Image
हमारे
सीने
पे
उँगलियों
से
तुम
अपना
चेहरा
बना
रहे
थे
तुम्हें
कुछ
उस
की
ख़बर
नहीं
थी
हमारे
दिल
में
जो
चल
रहा
था
Nadim Nadeem
Send
Download Image
24 Likes
पड़
गया
महँगा
तेरी
फोटो
हटाना
पर्स
का
हर
नोट
जाली
हो
गया
है
Harsh saxena
Send
Download Image
37 Likes
इक
गुल
के
मुरझाने
पर
क्या
गुलशन
में
कोहराम
मचा
इक
चेहरा
कुम्हला
जाने
से
कितने
दिल
नाशाद
हुए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
29 Likes
उतर
गया
है
चेहरा
तेरे
जाने
से
लॉक
नहीं
खुलता
है
अब
मोबाइल
का
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
32 Likes
तुम्हें
वो
मिल
नहीं
पाईं
उन्हें
तुम
मिल
नहीं
पाए
कन्हैया
साथ
में
क्यूँ
फिर
सदा
तस्वीर
दिखती
है
Anmol Mishra
Send
Download Image
9 Likes
अपने
टूटे
फूटे
ख़्वाबों
की
ता'बीर
बनाता
हूँ
मैं
बिखरे
लफ्ज़ों
से
काग़ज़
पर
तस्वीर
बनाता
हूँ
Aves Sayyad
Send
Download Image
3 Likes
तिरे
जमाल
की
तस्वीर
खींच
दूँ
लेकिन
ज़बाँ
में
आँख
नहीं
आँख
में
ज़बान
नहीं
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
15 Likes
दर्द
चेहरा
पहन
के
आया
था
तेरा
चेहरा
था
सो
क़ुबूल
किया
Aslam Rashid
Send
Download Image
26 Likes
तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
189 Likes
सिर्फ़
तस्वीर
रह
गई
बाक़ी
जिस
में
हम
एक
साथ
बैठे
हैं
Ataul Hasan
Send
Download Image
38 Likes
Read More
किसी
का
गर
सुकूँ
हो
तो
किसी
का
मसअला
हो
तुम
दवा
हो
तुम,
दु'आ
हो
तुम,
मरज़
हो
तुम,
बला
हो
तुम
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
3 Likes
चाहता
नहीं
पर
मजबूर
कर
रहा
है
वो
जानबूझ
कर
खु़द
से
दूर
कर
रहा
है
वो
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
3 Likes
साज़
ख़ामोश
कि
इक
टूटते
संगीत
के
नाम
प्यार
में
हमने
किए
गीत
समर्पन
कितने
तौबा
ये
तमकनत-ए-हुस्न
इलाही
तौबा
एक
श्रृंगार
को
तोड़े
गए
दर्पन
कितने
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
0 Likes
तेरी
अंँगड़ाई
के
आलम
का
ख़याल
आया
जब
ज़ेहन-ए-वीरांँ
में
खनकने
लगे
कंगन
कितने
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
1 Like
के
तुझे
कहाँ
मुझ
पर
ऐतबार
होता
था?
दर्द
होता
था
जब
तो
बेश़ुमार
होता
था
उस
दरख़्त
पर
अब
आते
नहीं
परिंदे
भी
जिसकी
छाँव
को
तेरा
इंतज़ार
होता
था
सूइयां
भी
चुभ
जातीं
उँगलियों
में
गर
तेरी
तीर
मेरे
भी
दिल
के
आर-पार
होता
था
क्या
बताऊँ
के
क्या
हासिल
हुआ
मोहब्बत
में?
बारिशों
को
कब
सहराओं
से
प्यार
होता
था?
Read Full
Shashank Shekhar Pathak
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Love Shayari
Afsos Shayari
Kahani Shayari
Wahshat Shayari
Shaayar Shayari