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Sohil Barelvi
zor se dastak dena ab darwaaze par
zor se dastak dena ab darwaaze par | ज़ोर से दस्तक देना अब दरवाज़े पर
- Sohil Barelvi
ज़ोर
से
दस्तक
देना
अब
दरवाज़े
पर
और
तरह
का
शोर
भी
शामिल
है
घर
में
- Sohil Barelvi
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आज
फिर
कुफ़्र
कमाया
हमने
शोर
को
शे'र
सुनाया
हमने
Vishal Bagh
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हाल-ए-दिल
सब
सेे
छुपाने
में
मज़ा
आता
है
आप
पूछें
तो
बताने
में
मज़ा
आता
है
Nawaz Deobandi
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जानती
हो
कि
क्या
हुआ
है
तुम्हें
इश्क़
का
रोग
लग
गया
है
तुम्हें
तुमको
देखें
तो
देखते
जाएँ
देखने
का
अलग
मज़ा
है
तुम्हें
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Pravin Rai
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वो
शांत
बैठा
है
कब
से
मैं
शोर
क्यूँँॅं
न
करूँॅं
बस
एक
बार
वो
कह
दे
कि
चुप
तो
चूँ
न
करूँॅं
Charagh Sharma
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ये
लुत्फ़
मुझ
पर
किसलिए
एहसान
का
क्या
फ़ाइदा
अब
वक़्त
सारा
कट
चुका,
अच्छा-बुरा,
थोड़ा-बहुत
Aziz Nabeel
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चला
है
जोश
में
मक़्तल
की
ओर
जोशीला
उसी
को
देख
के
कितनों
को
अक़्ल
आई
है
Tarun Bharadwaj
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कितने
ऐश
से
रहते
होंगे
कितने
इतराते
होंगे
जाने
कैसे
लोग
वो
होंगे
जो
उस
को
भाते
होंगे
यारो
कुछ
तो
ज़िक्र
करो
तुम
उस
की
क़यामत
बाँहों
का
वो
जो
सिमटते
होंगे
उन
में
वो
तो
मर
जाते
होंगे
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Jaun Elia
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मिरी
वफ़ा
का
तिरा
लुत्फ़
भी
जवाब
नहीं
मिरे
शबाब
की
क़ीमत
तिरा
शबाब
नहीं
Asrar Ul Haq Majaz
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पलट
कर
लौट
आने
में
मज़ा
भी
है
मुहब्बत
भी
बुलाकर
देख
लो
शायद
पलट
कर
लौट
आएँ
हम
Gaurav Singh
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सुख़न
का
जोश
कम
होता
नहीं
है
वगरना
क्या
सितम
होता
नहीं
है
भले
तुम
काट
दो
बाज़ू
हमारे
क़लम
का
सर
क़लम
होता
नहीं
है
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Baghi Vikas
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तुम
होते
तो
कह
देता
याद
तुम्हारी
आती
है
Sohil Barelvi
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कोई
सूरत
तबस्सुम
की
नहीं
है
हमारा
कर्ब
बढ़ता
जा
रहा
है
Sohil Barelvi
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उसी
की
रात
सारी
है
उसी
के
चाँद
तारे
हैं
मेरे
हक़
में
कोई
टूटा
सितारा
हो
नहीं
सकता
Sohil Barelvi
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बिछड़'कर
आप
जिस
दिन
से
गए
हो
भरोसा
उठ
गया
है
ज़िन्दगी
से
Sohil Barelvi
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दिलों
में
फूल
खिलते
जा
रहे
हैं
मिरे
क़ासिद
बजा
फ़रमा
रहे
हैं
हमें
तो
और
भी
ग़म
खा
रहे
हैं
मुक़ाबिल
आप
भी
धमका
रहे
हैं
हुई
है
रौशनी
से
जब
से
अन-बन
अँधेरे
रास्ता
दिखला
रहे
हैं
अकेले
दूर
जाकर
रो
लिए
हम
अकेले
ख़ुद
को
ही
बहला
रहे
हैं
अब
अपनी
ज़िन्दगी
से
तंग
आकर
हम
अपनी
मौत
पर
इतरा
रहे
हैं
हमारा
जिस्म
है
इक
क़ब्र
जैसा
बहुत
कुछ
जिस
में
हम
दफ़ना
रहे
हैं
कोई
अपना
नहीं
है
यार
सोहिल
हम
अपने
आप
से
बतला
रहे
हैं
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Sohil Barelvi
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