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Sohil Barelvi
koi imkaan baarish ka nahin hai
koi imkaan baarish ka nahin hai | कोई इम्कान बारिश का नहीं है
- Sohil Barelvi
कोई
इम्कान
बारिश
का
नहीं
है
ख़िज़ाँ
की
उम्र
बढ़ती
जा
रही
है
- Sohil Barelvi
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उम्र
जो
बे-ख़ुदी
में
गुज़री
है
बस
वही
आगही
में
गुज़री
है
Gulzar Dehlvi
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उम्र
का
एक
और
साल
गया
वक़्त
फिर
हम
पे
ख़ाक
डाल
गया
Shakeel Jamali
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काँटों
से
दिल
लगाओ
जो
ता-उम्र
साथ
दें
फूलों
का
क्या
जो
साँस
की
गर्मी
न
सह
सकें
Akhtar Shirani
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बोझ
उठाए
हुए
फिरती
है
हमारा
अब
तक
ऐ
ज़मीं
माँ
तिरी
ये
उम्र
तो
आराम
की
थी
Parveen Shakir
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क्या
हुआ
जो
मुझे
हम-उम्र
मोहब्बत
न
मिली
मेरी
ख़्वाहिश
भी
यही
थी
कि
बड़ी
आग
लगे
Muzdum Khan
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एक
रिश्ता
जिसे
मैं
दे
न
सका
कोई
नाम
एक
रिश्ता
जिसे
ता-उम्र
निभाए
रक्खा
Aks samastipuri
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हमारी
उम्र
के
लड़के
ग़ज़ल
तो
लिख
रहे
हैं
पर
ये
इतना
दर्द
लेके
जी
रहे
हैं
ठीक
थोड़ी
है
Ramesh Singh
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बड़ा
घाटे
का
सौदा
है
'सदा'
ये
साँस
लेना
भी
बढ़े
है
उम्र
ज्यूँँ-ज्यूँँ
ज़िंदगी
कम
होती
जाती
है
Sada Ambalvi
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इश्क़
को
एक
उम्र
चाहिए
और
उम्र
का
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jigar Barelvi
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अब
तक
हमारी
उम्र
का
बचपन
नहीं
गया
घर
से
चले
थे
जेब
के
पैसे
गिरा
दिए
Nashtar Khaanqahi
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मैं
भी
कहीं
ख़लाओं
में
खो
जाऊँ
मेरे
यार
तेरे
बग़ैर
जागना
क्या
जागना
मिरा
Sohil Barelvi
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दरीचे
एक
मुद्दत
वा
रहे
हैं
वो
बोले
आ
रहे
अब
आ
रहे
हैं
बदन
का
ख़ून
थोड़ा
सा
मिला
कर
नया
पन
शा'इरी
में
ला
रहे
हैं
दिलों
को
थाम
कर
बैठो
कि
अब
हम
सुख़न
की
कैफ़ियत
में
आ
रहें
हैं
बहुत
गहराई
में
डुबकी
लगा
कर
तेरी
यादों
को
ऊपर
ला
रहे
हैं
दिलों
को
जीत
ते
हम
ही
अकेले
मोहब्बत
की
दिशा
में
जा
रहे
हैं
दुखों
के
इन
दिनों
बादल
हमारी
बरेली
पर
बहुत
मँडरा
रहे
हैं
ग़ज़ल
में
क़ैद
कर
के
आज
'सोहिल'
हम
अपना
दर्द
गाने
जा
रहे
हैं
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Sohil Barelvi
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जब
बुरा
वक़्त
चल
रहा
हो
तो
अच्छी
बातें
भी
ज़हर
लगती
हैं
Sohil Barelvi
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आँख
भरते
ही
छा
गए
बादल
मेरे
दिल
में
समा
गए
बादल
आज
फिर
से
नहीं
हुई
बारिश
बस
दिलासा
दिला
गए
बादल
इस
बरस
भी
न
लौटा
हरजाई
इस
बरस
भी
रुला
गए
बादल
मेरे
हिस्से
में
धूप
थी
पहले
आप
आए
तो
आ
गए
बादल
भीगते
वक़्त
आ
गया
रोना
याद
सब
कुछ
दिला
गए
बादल
मेरे
हिस्से
के
इस
बरस
सोहिल
किस
के
हिस्से
में
आ
गए
बादल
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Sohil Barelvi
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रहनुमाओं
हाथ
मेरा
था
में
रहना
आप
सब
के
साथ
चलना
चाहता
हूँ
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Sohil Barelvi
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