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Sohil Barelvi
zakhm har ik bhar jaata hai
zakhm har ik bhar jaata hai | ज़ख़्म हर इक भर जाता है
- Sohil Barelvi
ज़ख़्म
हर
इक
भर
जाता
है
वक़्त
सहीह
जब
आता
है
सूरज
छुप
जाने
के
बाद
इक
जुगनू
शरमाता
है
करता
है
जन्नत
जन्नत
धरती
पर
मर
जाता
है
अब
तो
सिर्फ़
अँधेरा
ही
राह
हमें
दिखलाता
है
कोई
पूछे
मुझ
से
भी
मुझ
को
भी
कुछ
भाता
है
जब
से
टूटा
दरवाज़ा
हर
कोई
आता
जाता
है
- Sohil Barelvi
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तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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गुज़रता
ही
नहीं
वो
एक
लम्हा
इधर
मैं
हूँ
कि
बीता
जा
रहा
हूँ
Madan Mohan Danish
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किस
तरह
मेरी
जान
ये
किरदार
बने
है
जो
तुझ
सेे
मिले
है
वो
तेरा
यार
बने
है
Vikram Gaur Vairagi
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यारो
कुछ
तो
ज़िक्र
करो
तुम
उस
की
क़यामत
बाँहों
का
वो
जो
सिमटते
होंगे
उन
में
वो
तो
मर
जाते
होंगे
Jaun Elia
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जब
तक
जला
ये
हम
भी
जले
इसके
साथ
साथ
जब
बुझ
गया
चराग़
तो
सोना
पड़े
हमें
Abbas Qamar
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मैं
उसे
वो
मुझको
समझाता
रहा
पर
त'अल्लुक़
फिर
भी
मुरझाता
रहा
Madan Mohan Danish
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बाग़बाँ
हम
तो
इस
ख़याल
के
हैं
देख
लो
फूल
फूल
तोड़ो
मत
Jaun Elia
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आँख
में
पानी
रखो,
होंटों
पे
चिंगारी
रखो
ज़िंदा
रहना
है
तो
तरकीबें
बहुत
सारी
रखो
Rahat Indori
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इश्क़
में
तेरे
गँवा
दी
ये
जवानी
जानेमन
हो
गई
दिलचस्प
अपनी
भी
कहानी
जानेमन
Tanoj Dadhich
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जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
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मुझे
इक
पल
यही
जीने
न
देगा
अगर
कमज़ोर
पड़
जाऊँ
जहाँ
से
Sohil Barelvi
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कोई
मर
जाए
दिल
नहीं
पिघले
इतना
पत्थर
भी
मत
बना
ख़ुद
को
Sohil Barelvi
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फिर
से
मौक़ा'
दे
ज़िंदगी
मुझ
को
ठीक
से
मुस्कुरा
नहीं
पाया
Sohil Barelvi
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दिल
में
किसे
है
रखना
कहे
दूसरा
ये
क्यूँ
मुझ
पर
मेरे
मकान
का
दार-ओ-मदार
है
Sohil Barelvi
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इक
कहानी
हो
गए
दुख
जावेदानी
हो
गए
दुख
कुछ
को
जीता
कुछ
जिगर
में
अब
निशानी
हो
गए
दुख
रात
तारे
गिनते
गिनते
आसमानी
हो
गए
दुख
ख़ुद
को
छोटा
कर
लिया
जब
मेरे
सानी
हो
गए
दुख
हल्का
हल्का
लग
रहा
दिल
जब
से
पानी
हो
गए
दुख
शब
ढले
आया
अँधेरा
रात-रानी
हो
गए
दुख
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Sohil Barelvi
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