kuchh roz aazmaoge aur laut jaaoge | कुछ रोज़ आजमाओगे और लौट जाओगे

  - Sohil Barelvi
कुछरोज़आजमाओगेऔरलौटजाओगे
तुमभीक़रीबआओगेऔरलौटजाओगे
मन-मानियाँकरोगेतोफिरमेरेसाथसाथ
अपनाभीदिलदुखाओगेऔरलौटजाओगे
तुमभीज़मीन-ए-दिलपेयक़ीननमिरेहबीब
ज़ख़्मोंकेघरबनाओगेऔरलौटजाओगे
इसबातकापताहमेंपहलेथाकितुम
नीचाहमेंदिखाओगेऔरलौटजाओगे
मैंजानताहूँतुमकोभलीभाँतिग़म-गुसार
अपनीहीबससुनाओगेऔरलौटजाओगे
इतनेदिनोंमेंहमनेयेसोचाएकदिन
तुमभीहमेंसताओगेऔरलौटजाओगे
कमरेमेंआजआयातोदीवारनेकहा
फिरउसकेख़तजलाओगेऔरलौटजाओगे
वा'दातोकररहेहोमगरजानताहूँतुम
मतलबतलकनिभाओगेऔरलौटजाओगे
'सोहिल'तुम्हारीज़िंदगीधोकोंसेहैभरी
दोचारफिरसेखाओगेऔरलौटजाओगे
  - Sohil Barelvi
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