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Sohil Barelvi
koi sapna mira poora hua nain
koi sapna mira poora hua nain | कोई सपना मिरा पूरा हुआ नइँ
- Sohil Barelvi
कोई
सपना
मिरा
पूरा
हुआ
नइँ
मुकम्मल
आज
तक
कुछ
भी
मिला
नइँ
हमें
इल्ज़ाम
मत
दो
यार
हम
ने
पुकारा
था
मगर
तुमने
सुना
नइँ
मुझे
जो
याद
है
वो
कह
रहा
हूँ
सुकूँ
से
चार
दिन
भी
मैं
जिया
नइँ
मिरी
तक़दीर
मिट्टी
से
लिखी
है
भला
चाहे
मिरा
तो
अब
रुला
नइँ
तुम्हारे
नाम
कर
दी
दिल
की
दुनिया
मगर
तुम
ने
बनाई
क्यूँँ
जगह
नइँ
- Sohil Barelvi
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उस
ने
फेंका
मुझ
पे
पत्थर
और
मैं
पानी
की
तरह
और
ऊँचा
और
ऊँचा
और
ऊँचा
हो
गया
Kunwar Bechain
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तुम्हारी
राह
में
मिट्टी
के
घर
नहीं
आते
इसलिए
तो
तुम्हें
हम
नज़र
नहीं
आते
Waseem Barelvi
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तबक़ों
में
रंग-ओ-नस्ल
के
उलझा
के
रख
दिया
ये
ज़ुल्म
आदमी
ने
किया
आदमी
के
साथ
Bakhtiyar Ziya
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अगर
हुकूमत
तुम्हारी
तस्वीर
छाप
दे
नोट
पर
मेरी
दोस्त
तो
देखना
तुम
कि
लोग
बिल्कुल
फिजूलखर्ची
नहीं
करेंगे
हमारे
चंद
अच्छे
दोस्तों
ने
ये
वा'दा
ख़ुद
से
किया
हुआ
है
कि
शक्ल
अल्लाह
ने
अच्छी
दी
है
सो
बातें
अच्छी
नहीं
करेंगे
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Rehman Faris
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ये
दाग़
दाग़
उजाला
ये
शब-गज़ीदा
सहर
वो
इंतिज़ार
था
जिस
का
ये
वो
सहर
तो
नहीं
Faiz Ahmad Faiz
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मिलने
की
तरह
मुझ
सेे
वो
पल
भर
नहीं
मिलता
दिल
उस
से
मिला
जिस
सेे
मुक़द्दर
नहीं
मिलता
Naseer Turabi
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मैं
कहता
हूँ
"सुनो
लड़की!
मुझे
कुछ
तुम
से
कहना
था"
वो
ऐसे
पूछती
है
फिर
मैं
सब
कुछ
भूल
जाता
हूँ
Shadab Asghar
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तमाम
फ़र्क़
मोहब्बत
में
एक
बात
के
हैं
वो
अपनी
ज़ात
का
नईं
है
हम
उस
की
ज़ात
के
हैं
Pallav Mishra
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दिल
से
साबित
करो
कि
ज़िंदा
हो
साँस
लेना
कोई
सुबूत
नहीं
Fahmi Badayuni
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आए
थे
हँसते
खेलते
मय-ख़ाने
में
'फ़िराक़'
जब
पी
चुके
शराब
तो
संजीदा
हो
गए
Firaq Gorakhpuri
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और
बीमार
हो
गया
बीमार
अस्पतालों
के
काट
कर
चक्कर
Sohil Barelvi
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किसी
ने
गले
से
लगाया
न
ढारस
बँधाया
मैं
सद
में
से
बाहर
बहुत
देर
के
बाद
आया
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Sohil Barelvi
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जितना
हो
सकता
है
मैं
रहता
हूँ
और
हाँ
मैं
ख़मोश
अच्छा
हूँ
दस्तकें
दे
रहे
मुझे
सब
लोग
और
मैं
चुपचाप
घर
में
बैठा
हूँ
मुझ
को
अपनाए
या
नहीं
ये
शजर
मैं
यहाँ
पर
नया
परिंदा
हूँ
ये
जो
बैठे
हैं
मतलबी
अच्छे
इन
से
थोड़ा
बहुत
तो
सच्चा
हूँ
मौत
आई
नहीं
हुआ
एहसास
मैं
ये
समझा
अभी
मैं
ज़िंदा
हूँ
चार
छह
लोग
जानते
हैं
मुझे
मैं
बहुत
कम
किसी
पे
खुलता
हूँ
ये
अलग
बात
तू
समझता
नहीं
तेरी
महफ़िल
का
मैं
भी
हिस्सा
हूँ
क्यूँँ
कि
मैं
भी
नहीं
बताऊँगा
अब
कोई
पूछे
नहीं
मैं
कैसा
हूँ
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Sohil Barelvi
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कूचा-ए-दिलबराँ
में
भी
सोहिल
जनाब
आप
आशुफ़्ता
सर
खड़े
हैं
बहुत
दिन
ख़राब
हैं
Sohil Barelvi
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तुम
ने
सितारे
रात
में
देखे
तो
थे
मगर
उस
पर
नज़र
नहीं
पड़ी
जो
सुब्ह
तक
रहा
Sohil Barelvi
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