जितनाहोसकताहैमैंरहताहूँ
औरहाँमैंख़मोशअच्छाहूँ
दस्तकेंदेरहेमुझेसबलोग
औरमैंचुपचापघरमेंबैठाहूँ
मुझकोअपनाएयानहींयेशजर
मैंयहाँपरनयापरिंदाहूँ
येजोबैठेहैंमतलबीअच्छे
इनसेथोड़ाबहुततोसच्चाहूँ
मौतआईनहींहुआएहसास
मैंयेसमझाअभीमैंज़िंदाहूँ
चारछहलोगजानतेहैंमुझे
मैंबहुतकमकिसीपेखुलताहूँ
येअलगबाततूसमझतानहीं
तेरीमहफ़िलकामैंभीहिस्साहूँ
क्यूँँकिमैंभीनहींबताऊँगाअब
कोईपूछेनहींमैंकैसाहूँ