ik nazar bhi na mujhe dekhe zamaana jaanaan | इक नज़र भी न मुझे देखे ज़माना जानाँ

  - Sohil Barelvi
इकनज़रभीमुझेदेखेज़मानाजानाँ
ऐसीहालतमेंनहींछोड़केजानाजानाँ
जोछुपानेकीहोवोबातछुपानालेकिन
जोबतानेकीहोवोबातबतानाजानाँ
अबतूअपनाएयाठुकराएतेरेहाथोंमें
अबकहींभीनहींहैमेराठिकानाजानाँ
इसदफ़ाजानहथेलीपेरखीहैमेरे
अबक़दमसोचसमझकरहीउठानाजानाँ
मेरीआँखोंमेंफ़क़तख़ूनबचाहैअबतो
अबकोईख़्वाबनहींमुझकोदिखानाजानाँ
कुछभीहोजाएमगरइतनेमरासिमरखना
कामपड़जाएतोनज़रेंचुरानाजानाँ
मुझकोडरहैमैंतेरेसामनेरोनेलगूँ
मेरेहालातनहींमुझकोबतानाजानाँ
औरलोगोंकीतरहतुमपरेशाँकरना
राहभूलूँतोमुझेराहदिखानाजानाँ
जिनकोअपनातूसमझताहैमुकरजाएँअगर
एकआवाज़मुझेभीतूलगानाजानाँ
  - Sohil Barelvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy