dil ke gulshan ko mire jis ne saja rakkha hai | दिल के गुलशन को मिरे जिस ने सजा रक्खा है

  - Sohil Barelvi
दिलकेगुलशनकोमिरेजिसनेसजारक्खाहै
मैंनेउसवक़्तकोसीनेमेंछुपारक्खाहै
मेरीख़ामोशीफ़क़तदेखनेलायक़हीनहीं
अपनाअंदाज़भीऔरोंसेजुदारक्खाहै
क़द्रहोनेपेकभीजिसकीनहींकीमैंने
उसकीतस्वीरनेदरवेशबनारक्खाहै
मैंतसव्वुरमेंतिरेपासहूँलेकिनमुझको
तेरीआँखोंनेहक़ीक़तमेंजगारक्खाहै
हमजहाँकेहैंवहाँभीहैबहुतकुछलेकिन
आपकेशहरमेंकुछऔरमज़ारक्खाहै
तुममोहब्बतमेंपड़ेरहनामोहब्बतवालों
इसबलानेतोमिरादिलहीदुखारक्खाहै
हादसाकोईनहींहैकोईबातसीबात
दिल-ए-नादाँनेफ़लकसरपेउठारक्खाहै
इससुख़ननेवोजगहदिलमेंबनालीसोहिल
मेरेमहबूबकोकुछदूरहटारक्खाहै
  - Sohil Barelvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy